सोमवार, 28 अप्रैल 2014

फारुख के बयान से अंतरराष्ट्रीय समुदाय चिंतित

छोटे राष्ट्रों पर डूबने का खतरा मंडराया

जयजीत अकलेचा/Jayjeet Aklecha


केंद्रीय मंत्री फारुख अब्दुल्ला के इस बयान के बाद कि नरेंद्र मोदी को वोट देने वालों को समुद्र में डूब जाना चाहिए, इंटरगवर्नमेंटल पैनल आॅन क्लाइमेट चेंज (आईपीसीसी) ने मालदीव, बांग्लादेष, श्रीलंका जैसे देषों के लिए अलर्ट जारी किया है। इसमें इन देषों के बड़े हिस्से के डूबने का खतरा बताया गया है, खासकर तटीय क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की सलाह दी गई है। आषंका यह भी जताई गई है कि 30 अप्रैल को गुजरात में होने वाली वोटिंग के बाद कच्छ की खाड़ी के जल स्तर में भी भारी बढ़ोतरी हो सकती है।
इस बीच, मप्र, छत्तीसगढ़, झारखंड, बिहार और उत्तरप्रदेष के उन क्षेत्रों जहां वोटिंग हो गई है, वहां भारी संख्या में लोग अपने-अपने घरों से निकल गए हैं। आॅफ सीजन होने के कारण सस्ते के चक्कर में अधिकांष लोग गोवा के तटों की ओर जाते दिखाई दिए हैं। इन खबरों के बाद गोवा सरकार भी तत्काल हरकत में आ गई है। अपने यहां कानून एवं व्यवस्था बिगड़ने की आषंका के चलते उसने केंद्र सरकार से अर्द्धसैनिक बलों की 1500 टुकड़ियां मांगी है।
ओबामा ने की मनमोहन से बातचीत: 
अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने भी निवर्तमान प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से इस पूरे मसले पर बातचीत की है। उन्होंने मनमोहन सिंह के इस तर्क को मानने से इनकार कर दिया कि यह भारत का अंदरूनी मामला है। ओबामा का कहना है कि इतने सारे लोगों के डूबने से समुद्र के जल स्तर में जो बढ़ोतरी होगी, उसका पूरे विष्व पर असर पड़ना लाजिमी है। इस बीच, जापान ने जी-7 देषों की बैठक बुलाने की मांग की है। जापान को सुनामी का डर सता रहा है।
12 मई को क्या होगा?
उप्र प्रषासन को चिंता 12 मई की है, जिस दिन वाराणसी में मतदान होगा। संत-समुदाय के कुछ धड़ों की इस घोषणा के बाद प्रषासन के हाथ-पैर फूल गए हैं कि काषी की जनता समुद्र में नहीं, गंगा में ही डूबकी लगाएगी। अब प्रषासन के सामने चुनौती यह है कि वह गंगा में इतना पानी कहां से लाए।

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

Thanks for your comment