सोमवार, 26 मई 2014

प्रियंका गांधी को मिलेगा पहला दादा साहेब आडवाणी पुरस्कार

जयजीत अकलेचा/ Jayjeet Aklecha

केंद्र में नरेंद्र मोदी की नई सरकार ने अपने पहले फैसले पर मोहर लगा दी है। इसके तहत राजनीति के क्षेत्र में अतुलनीय योगदान के  लिए ‘दादा साहेब आडवाणी पुरस्कार’ शुरू किया जाएगा। यह अवार्ड पार्टी के वयोवृद्ध नेता लालकृष्ण आडवाणी के नाम पर रखा गया है। डैब्यू अवार्ड प्रियंका वाड्रा गांधी को दिया जाएगा।
सोमवार को शपथ ग्रहण समारोह के बाद देर रात को गुजरात भवन में हुई कैबिनेट की पहली अनौपचारिक बैठक में यह फैसला लिया गया। हालांकि सूत्रों के अनुसार इसकी रूपरेखा उसी समय बन गई थी, जब नरेंद्र मोदी चुनाव जीतने के बाद राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के नेताओं से मिले थे। उस समय मोदी ने संघ को साफ कर दिया था कि वे आडवाणी को अपने मंत्रिमंडल में लेने में सहज नहीं हैं। ऐसे में तय किया गया कि उनके नाम पर कोई पुरस्कार शुरू कर दिया जाए ताकि उनकी प्रतिष्ठा भी बनी रहे और उन्हें कैबिनेट में लेने की जरूरत भी नहीं पड़े। चूंकि आडवाणी फिल्मों के शौकीन हैं, इसलिए इस पुरस्कार का नाम ‘दादा साहेब फालके पुरस्कार’ की तर्ज पर ही रखा गया।
किन्हें मिलेगा पुरस्कार: यह पुरस्कार हर माह उन लोगों को दिया जाएगा जिन्होंने राजनीति में अपना जीवन खपा दिया। इसीलिए सबसे पहले यह पुरस्कार प्रियंका वाड्रा गांधी को देने का निश्चय किया गया है। प्रियंका ने इन चुनावों में उत्तरप्रदेश में कांग्रेस को दो सीटें दिलवाने में अपनी गर्मी की पूरी छुट्टियां कुर्बान कर दीं। इसके अलावा नई सरकार इसके माध्यम से यह संदेश भी देना चाहती है कि वह चुनाव प्रचार के दौरान कही गई कड़वी बातों को भूलकर आगे बढ़ने की इच्छुक है।

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