सोमवार, 31 अगस्त 2020

छह घंटे में राहुल गांधी के वीडियो पर एक भी लाइक नहीं, जानिए क्या है वजह?

rahul gandhi video jokes राहुल गांधी जोक्स

modi video unlike मोदी का वीडियो अनलाइक
30 अगस्त को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 'मन की बात' कही थी। भाजपा के ऑफिशियल यू ट्यूब चैनल पर डले इस वीडियो पर लाइक्स से छह गुना ज्यादा अनलाइक्स आए हैं ( देखें तस्वीर, लाइक्स करीब 100 K, डिसलाइक्स 625 K)। लनलाइक की वजह से यह वीडियो जबरदस्त चर्चा में आ गया है।

लेकिन इतनी ही आश्चर्य की बात और भी है। 31 अगस्त को सुबह करीब 10 बजे राहुल गांधी ने अर्थव्यवस्था की बदहाली पर एक वीडियो डाला। उसे दोपहर में 12 बजे कांग्रेस के ऑफिशियल यू ट्यूब चैनल पर पोस्ट किया गया। शाम को 6 बजे तक यानी करीब 6 घंटे में उस पर न तो एक भी लाइक था और न ही डिसलाइक (देखें राहुल के वीडियो का स्क्रीन शॉट)

आखिर राहुल गांधी के वीडियो पर कोई भी प्रतिक्रिया क्यों नहीं है? इसकी वजह क्या है? humourworld की पड़ताल में पता चला है कि इसकी सीधी सी वजह यही है  कि कांग्रेस के जिन लोगों को चैनल पर जाकर राहुल का वीडियो लाइक करना था, वे सभी तो भाजपा के चैनल पर जाकर मोदी के वीडियो को अनलाइक करने में लगे थे।

#modi video #rahul gandhi

(Modi youtube video disliked my many, but rahul gandhi's video on economy also not liked even by a single people )


Joke : न्यूज चैनल के सामने दो घंटे रहने का खामियाजा!

पक्के केले, सड़े हुए केले, न्यूज चैनल पर जोक्स, pucce banana

केले काफी कच्चे थे। तो जुगाड़ लगाई और उन्हें न्यूज चैनल के सामने रख दिया। मैं खुद दूसरे कमरे में क्वारंटीन हो गया। दो घंटे बाद देखा तो बेचारों की यह स्थिति हो गई थी...

😀😅🤓

रविवार, 30 अगस्त 2020

Humor : बेताल ने सुनाई सुशांत-रिया की कहानी, जानिए विक्रम ने क्या दिया जवाब!

 # vikram aur betaal  # Baital Pachchisi # Baital Pachisi # बेताल पच्चीसी  विक्रम और बेताल

By Jayjeet

बेताल आज विक्रम की बाइक पर कूदा तो कुछ परेशान था। विक्रम हौले-हौले बाइक चलाते रहा। उसे मालूम था कि भूत आया है तो कोई ऊटपटांग कहानी सुनाएगा ही, साथ में यह गीदड़ भभकी भी देगा ही कि अगर मैंने जवाब जानते हुए भी न दिया तो मेरी बाइक के टायर के टुकड़े-टुकड़े हो जाएंगे ...

लेकिन 15 मिनट हो गए, बेताल चुप की चुप। विक्रम ने बाइक की स्पीड थोड़ी बढ़ा दी, शायद हवा चलने से बेताल का कुछ दिमाग खुले। बेताल धीरे से बुदबुदाया- टीवी चैनल वालों से पचा मारा। स्साले मुझसे भी बड़ेवाले स्टोरीटेलर हो गए। फिर थोड़ी ऊंची आवाज में विक्रम से बोला - विक्रम सुन, आज तुझे बहुत इंटरेस्टिंग कहानी सुनाता हूं, एक एक्टर, उसकी प्रेमिका और सुसाइड की कहानी। ऐसी कहानी जो तुने आज तक ना सुनी होगी।

विक्रम मुस्कुराया, पर बोला कुछ नहीं, क्योंकि बोलते ही हूं हूं करते हुए बेताल उड़ जाता और कहानी धरी की धरी रह जाती।

बेताल ने बोलना शुरू किया - कुछ माह पुरानी बात है। एक अभिनेता हुआ करता था, नाम था सुशांत सिंह राजपूत। रिया नाम की उसकी एक प्रेमिका थी .... और इसके बाद बेताल ने लाग-लपेटकर वह पूरी कहानी सुना दी जो उसने पिछले कुछ दिनों से न्यूज चैनलों पर सुन रखी थी, यह मानते हुए कि विक्रम तो कभी न्यूज चैनल देखता नहीं।

कहानी सुनाने के बाद बेताल ने अपनी चिर-परिचित शैली में पूछा - विक्रम बता कि उस अभिनेता ने वाकई सुसाइड किया था? अगर नहीं किया तो उसका मर्डर किसने किया होगा? इसमें उसकी प्रेमिका रिया का क्या हाथ है? अगर तू जानकर भी चुप रहा तो तेरी बाइक के टायर के टुकड़े-टुकड़े हो जाएंगे...

विक्रम एक मिनट के लिए चुप रहा और फिर बोला - सुन बेताल, मुझे सब मालूम है कि इस कहानी में क्या-क्या हुआ होगा। लेकिन अगर मैं आज बता दूं तो फिर उन न्यूज चैनलों का क्या होगा, जहां से तुने ये कहानी चुराई है। मैं एक राजा की आत्मा हूं और विक्रम का रिकॉर्ड रहा है कि उसने किसी के साथ अन्याय नहीं किया। इसलिए जब तक न्यूज चैनलों के पास कोई और कहानी नहीं आ जाती या तैमूर का कोई भाई-बहन नहीं आ जाता, मैं उनके पेट पर लात नहीं मार सकता।

बेताल - वाह विक्रम, क्या राजा वाली बात कही। टीवी चैनलों ने तो पका मारा था, पर तुने मन प्रसन्न कर दिया। पर तू बोला और मैं चला ....

विक्रम (उड़ते हुए बेताल से चिल्लाकर बोला) - बेताल, अब किसी ऐसे घर की छत पर मत टंगना जहां दिनभर न्यूज चैनल चलता है... फिर मिलेंगे...।

# vikram aur betaal  #Baital Pachchisi # Baital Pachisi #बेताल पच्चीसी


विक्रम बेताल पार्ट 1 : बेताल ने विक्रम को सुनाई ट्रम्प के रहस्यमयी प्लान की कहानी

सोमवार, 24 अगस्त 2020

Funny Interview : कांग्रेस में कौन बन सकता है नया अध्यक्ष, राहुल के डॉगी PIDI ने किया खुलासा

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By Jayjeet

हिंदी सटायर डेस्क, दिल्ली। जैसे ही सोनिया गांधी ने कांग्रेस के अंतरिम अध्यक्ष पद से इस्तीफा देने की पेशकश की और राहुल गांधी ने चिट्‌ठी लिखने वाले कांग्रेसियों को आढ़े हाथ लिया, किसी ब्रेकिंग न्यूज के चक्कर में रिपोर्टर लपककर पहुंच गया 10 जनपथ पर सीधे पीडी के पास। पीडी राहुल भैया का प्रिय डॉगी है। वह दो साल पहले उस समय सुर्खियों में आया था, जब राहुल ने कहा था कि उनके ट्वीटस पीडी ही करता है।

रिपोर्टर : पीडी भैया, उधर कांग्रेस में अफरातफरी मची है और इधर आप बड़े खुश नजर आ रहे हो?

पीडी: हां, राहुल भैया ने हमको तैयार रहने को कहा है।

रिपोर्टर : किस बात के लिए?

पीडी : शायद कांग्रेस का नया अध्यक्ष बनने के लिए।

रिपोर्टर (जानबूझकर अनजान बनने का नाटक करते हुए) : क्यों भाई, ऐसा क्या हो गया?

पीडी : अरे आपको ना पता? किसने रिपोर्टर बना दिया! अभी कुछ देर पहले सोनिया मम्मा ने इस्तीफा देने की पेशकश की है। और राहुल भैया और प्रियंका दीदी ने भी कह दिया है कि अध्यक्ष गांधी परिवार से बाहर का बनेगा। तो बताओ, अब अध्यक्ष कौन बनेगा? है कोई?

रिपोर्टर : पर आप भी तो परिवार में ही रहते हो? यानी प्रैक्टिकली तो आप भी गांधी परिवार का ही हिस्सा हो। तो आप भी ऐलिजिबल कैसे हो जाआगे?

पीडी : आप भी क्या बात करते हों...  हम परिवार में जरूर रहते हैं, पर गांधी-नेहरू खानदान के थोड़े हुए।

रिपोर्टर : अच्छा, राहुल भैया ने आपको ही अध्यक्ष बनने के लिए तैयार रहने को क्यों कहा? आपमें ऐसी क्या योग्यता है?

पीडी : वफादारी, सबसे बड़ी योग्यता तो यही है। फिर मैं मम्मा, भैया और दीदी की ऑन डिमांड पर कभी भी दुम हिला सकता हूं। उनके तलवे भी मैं ही बड़े अच्छे से चाट सकता हूं।

रिपोर्टर : माफ करना पीडी भैया, अभी आपने मुझ पर ताना मारा था, लेकिन पता आपको भी कुछ नहीं है।

पीडी : ऐसा क्या पता नहीं है?

रिपोर्टर : आप जिस वफादारी की बात कर रहे हो ना, वह तो कांग्रेस में कई लोगों के पास है। दुम हिलाने वाले भी बहुत मिल जाएंगे और तलवे चाटने वाले भी।

पीडी : पर भैया, दो पैर वाले तो दो पैर के ही होते हैं। दो पैर वालों की वफा का भरोसा नहीं। देखा नहीं, अभी कैसे फटाक से चिट्ठी लिख मारी। ये कोई वफादारी है !! भला राहुल भैया को नाराज कर दिया। वफादारी में चार पैर वालों से टक्कर नहीं ले सकते आपके दो पैर वाले वफादार।

रिपोर्टर : पर दूसरे कांग्रेसी नेता आपको पार्टी का अध्यक्ष क्यों स्वीकार करेंगे?

पीडी : अरे, थोड़ी देर पहले आपने ही तो कहा था कि प्रैक्टिकली हम गांधी परिवार का हिस्सा है... इसलिए, समझें...

रिपार्टर कुछ और पूछें, इतने में पीडी के पास जमीन पर रखा मोबाइल बज उठा। स्क्रिन पर राहुल भैया नाम चमक रहा था। और पीडी भी जी भैया, जी भैया में बिजी हो गया... और यह रिपोर्टर भी अपनी दुम को समेटकर वापस आ गया, ब्रेकिंग न्यूज के साथ...

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रविवार, 23 अगस्त 2020

Joke : क्यों कांग्रेस छोड़ने की जल्दी में हैं कांग्रेसी?

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Funny Interview : सुशांत सिंह मामले से फुर्सत मिलते ही रिपोर्टर ने कर ली बादल के टुकड़े से खास बातचीत

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By Jayjeet

जैसे ही बादल का टुकड़ा छत के ऊपर से गुजरा, रिपोर्टर ने हाथ के इशारे से उसे रोक लिया।

बादल : कौन हो भाई? क्यों रोक लिया हमें?

रिपोर्टर : अरे, मुझे ना पहचाना, मैं वही, जाना-माना रिपोर्टर?

बादल : अरे वाह, रिपोर्टर ना हुए, मोदी हो गए कि तुम्हें हर कोई पहचान जाएकाम बताओ, पर ये मत बताना कि तुम्हारे साले साहब की गली में बरसना है।

रिपोर्टर : अरे मुझे क्या टुच्चा पत्रकार समझा जो टुच्चे-मुच्चे काम बताऊगा। मुझे तो आपका इंटरव्यू करना है।

बादल : अच्छा, बड़े रिपोर्टर हैं तो आपको सुशांत सिंह मामले की जांच-पड़ताल से फुर्सत मिल गई क्या?

रिपोर्टर : हां, हमने अब यह केस सीबीआई को सौंप दिया है।

बादल : वैसे मुझे सीबीआई पर भरोसा नहीं है। आप लोग सही तो जा रहे थे..

रिपोर्टर : बादल महोदय, मैं आपको स्पष्ट कर दूं कि मेरा ऐसे मामलों में कोई खास इंटरेस्ट नहीं है। मैं तो डेवलपमेंटल रिपोर्टर हूं, डेवलपमेंटल रिपोर्टर, हां

बादल : दो बार डेवलपमेंटल रिपोर्टर बोलने भर से कोई विकास टाइप की पत्रकारिता करने वाला पत्रकार नहीं बन जाता, जैसे बार-बार विकास विकास बोलने भर से विकास ना हो जाता। खैर मुद्दे पर आइए और पूछिए क्या पूछना है? पर जरा जल्दी, सीजन चल रहा है।

रिपोर्टर : पहला सवाल, या कह सकते हैं कि पहला आरोप है कि आप बरसने में इतनी असमानता क्यों रखते हैं? कहीं घटाघोप तो कहीं एक बूंद भी नहीं।

बादल : यह सवाल कभी आपने अपने नेताओं और अफसरों से पूछा, उन जिम्मेदारों से जिनके ऊपर विकास की जिम्मेदारी रही है?

रिपोर्टर : समझा नहीं।

बादल : अब इतने भी नासमझिये ना बनो। भई, सालों से आपके नेता समाजवाद की बात करते आए हैं, लेकिन हुआ क्या? समानता आई?

रिपोर्टरअब तो समाजवाद की बात ही बंद हो गईतो हम इस फालतू शब्द पर चर्चा क्यों करें?

बादल (बीच में बात काटते हुए) : सही कह रहे हैं। समाजवाद की बात करना पहले भी केवल फैशन था, अब ओल्ड फैशन्ड हो गया है। ठीक है। ऐसे कठिन सवाल छोड़ देते हैं।

रिपोर्टर : आपने मेरी बात बीच में काट दी थी..  मेरा तो केवल इतना सवाल था कि ऐसा भी क्या बरसना कि शहरों में बाढ़ जाए...

बादल : पत्रकार महोदय, बरसते तो हम सदियों से आए हैं, लेकिन पहले नदियों में बाढ़ आती थी। अब नदियां तो वैसी रही नहीं तो शहरों में रही है। बाढ़ कहीं तो आएगी ना! और यह सिटी प्लानर्स से पूछिए कि अरबों-खरबों खर्च करके भी वे बाढ़मुक्त शहर क्यों नहीं बना पा रहे?

रिपोर्टर : फिर भी थोड़ी सी बारिश में बेइज्जती हो जाती है लोगों की। हम रिपोर्टर्स को भी मजबूरी में लिखना पड़ता है कि पटना में या जयपुर में बाढ़ आई.... मुंबई-इंदौर में बाढ़ जैसे हालात हुए...कुछ तो उपाय बताइए...

बादल : तो सिंपल सा उपाय सुन लीजिए और मुझे चलने की अनुमति दीजिए। उपाय यह है कि कुछ ही दिनों में संसद का मानसून सत्र होने वाला है। सरकार एक कानून बनाकर मानसून में हर शहर को नदी घोषित कर दें। न रहेंगे शहर, न आएगी बाढ़। चलता हूं, किसान मेरा इंतजार कर रहा है...आप शहरियों को हम न बरसे तो दिक्कत और बरसे तो दिक्कत ...।

#Floods #heavy_rains  #satire #humor

यह भी पढ़ें: बेताल ने विक्रम को सुनाई ट्रम्प के रहस्यमयी प्लान की कहानी


गुरुवार, 20 अगस्त 2020

देखिए नई टाइप की स्मार्ट रोड : ग्राउंड वाॅटर रिचार्ज करेगी, आसान होंगे कई काम

 smart city and roads बारिश में सड़क


By Jayjeet

1. जैसा कि चित्र से स्पष्ट है, यह बारिश के दिनों में ग्राउंड वाॅटर को रिचार्ज करने का काम करेगी। इसके पीछ सोच यह है कि चूंकि अब जगह-जगह कांक्रटीकरण के कारण पानी को जमीन के भीतर जाने का मौका नहीं मिलता है। तो ऐसे में इस तरह की सड़कों के निर्माण को प्रोत्साहन दिया जाएं।

2. इस सड़क में आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (AI) का यूज किया जाएगा। इसका फायदा यह होगा कि अफसरों, इंजीनियरों और ठेकेदारों को सामग्री में मिलावट की मात्रा को लेकर चिंतित होने की जरूरत नहीं होगी। यह काम सड़क खुद ही बहुत ही साइंटिफिक ढंग से कर लेगी।

3. AI के जरिए सड़क बादलों की डेंसिटी को देखकर पहले से ही उचित आकार के गड्‌ढों में तब्दील हो सकेगी, ताकि पानी की एक भी बूंद खराब न हो और वह सीधे जमीन में नीचे उतर सकें। सामान्य सड़क में पहली-दूसरी बारिश का पानी गड्‌ढे करने में ही व्यर्थ हो जाता है।

4. सड़क से जुड़े सभी नेताओं, इंजीनियरों, ठेकेदारों और अफसरों के बीच कमीशन का बंटवारा भी सड़क अपने आप डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर स्कीम (DBT) के जरिए खुद ही कर देगी। इससे विभिन्न पक्षों के बीच किसी तरह का विवाद नहीं होगा।

5. जमीन के भीतर पर्याप्त पानी पहुंचाने के बाद बचे हुए पानी का इस्तेमाल यह सड़क बिजली बनाने में करेगी। अनुमान है कि ऐसी एक सड़क बारिश के हर सीजन में दस हजार वॉट तक अतिरिक्त बिजली का निर्माण कर सकेगी जो मुफ्त बांटने के काम आएगी।

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बुधवार, 19 अगस्त 2020

New Baital Pachchisi : बेताल ने विक्रम को सुनाई ट्रम्प के रहस्यमयी प्लान की कहानी

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By Jayjeet

विक्रम की आत्मा 24 अकबर रोड पर सुस्ताने को रुकी ही थी कि हमेशा की तरह बेताल फिर उसकी बाइक की पिछली सीट पर टपक पड़ा। विक्रम समझ गया, लो, भूत फिर आ गया। स्साला फिर वही ऊटपटांग कहानी, फिर वही गीदड़ भभकी कि अगर मैंने जानते हुए भी जवाब न दिया कि मेरी बाइक के टायर के टुकड़े-टुकड़े हो जाएंगे ...

मित्रो, कहानी को रोकते हुए कुछ बैकग्राउंड में चलते हैं। विक्रम की आत्मा पिछले कुछ दिनों से भारत में उतरी हुई है और इस समय दिल्ली में है। और जहां विक्रम है, वहां बेताल तो होगा ही। लेकिन विक्रम का रंग-रूप बदल गया है। फुल बाह की टीशर्ट-जिंस, हाथ में स्मार्ट फोन और धुआं उड़ाती बाइक। बेताल का रंग-ढंग वही है, वैसा ही भूत टाइपिया, लेकिन उसकी कहानियां बदल गई हैं। तो आइए सुनते हैं उसकी कहानियां और विक्रम के जवाब, इस नई बेताल माथापच्चीसी में...

तो आत्मा-ए-विक्रम की बाइक पर बैठते ही बेताल ने पहले तो गीदड़ भभकी दी। विक्रम ने कुटिल मुस्कान मारी जो मास्क के कारण बेताल को नजर न आई।

और शुरू हुई कहानी... सुन विक्रम। वैसे तो तू भी इस समय स्मार्टफोन के चाले में है और इसलिए तुझे सब पता ही होगा कि अमेरिका में राष्ट्रपति चुनाव होने जा रहे हैं। वहां चुनावों में अब पांच माह से भी कम का वक्त बचा है। वहां जो सर्वे आए हैं, उनमें ट्रम्प भाईसाहब अपने विरोधी बाइडेन से बहुत पीछे चल रहे हैं। फिर बाइडेन उपराष्ट्रपति पद के लिए भारतीय मूल की कमला बाईजी को भी ले लाए हैं। ट्रम्प को सलाह दी गई कि अगर वे अमेरिका में भारतीयों पर फोकस करें तो बाइडेन की टक्कर में आ सकते हैं। जब ट्रम्प ने अपनी टीम से चर्चा की और पूछा कि इस संबंध में कौन हमारी मदद कर सकता है तो सभी हाथ उठा-उठाकर एक स्वर में चिल्लाने लगे - मोदी मोदी मोदी... । इसका मतलब यह है कि ट्रम्प को एक बार फिर से मोदी को यहां लाकर हाउडी मोदी जैसा कुछ करवाना होगा।

बेताल ने कहानी जारी रखी... लेकिन ट्रम्प तो ट्रम्प है। खुर्राट आदमी। उसने कहा- नहीं, अब हमारी स्थिति ऐसी नहीं रही कि हम थोड़ी-सी भी रिस्क उठाए। हमें ऐसा आदमी चाहिए जो 100 परसेंट हमें चुनाव जिताने की गारंटी देता हो। यह सुनकर उसके सारे सहयोगी बगलें झांकने लगे। उन्होंने तो यही नारा सुन रखा था कि मोदी है तो मुमकिन है। अब ये ट्रम्प साहब किस आदमी को लाने जा रहे हैं जो मोदी से भी बढ़कर हो और उन्हें चुनाव जितवा सके। फिर ट्रम्प ने जिस आदमी का नाम लिया, उसे सुनकर लोग हक्का-बक्का रह गए। कुछ लोग तो हंस के लोट-पोट भी हो गए। ट्रम्प से चिढ़ने वाले कुछ दरबारी तो आपस में यह भी कहने लगे कि हमने अब तक तो दूसरों से ही सुना था कि ट्रम्प पागल आदमी है। पर अब ये तो खुद ही अपने पर पागलपंथी की मोहर लगा रहा है। पर ट्रम्प के लिए तो ये था ट्रम्प कार्ड जो उसे चुनावों में जिताने की हंड्रेड परसेंट गारंटी दे रहा था।

इतनी कहानी सुनाने के बाद बेताल रुक गया। फिर बोला - विक्रम बता कि आखिर वह कौन हैं जिसका ट्रम्प ने नाम लिया और वह भी पूरे विश्वास के साथ। ट्रम्प की आखिर पूरी योजना क्या है। अगर तू जानकर भी चुप रहा तो तेरी बाइक के अगले टायर के टुकड़े-टुकड़े हो जाएंगे...

विक्रम एक मिनट के लिए चुप रहा। फिर उसने 24 अकबर रोड पर स्थित उस सुनसान और खंडहर इमारत पर एक नजर डाली जहां कई चमगादड़ उलटे लटके-लटके जुगाली कर रहे थे। फिर बोलना शुरू किया, 'सुन बेताल। ट्रम्प है तो बहुत शातिर पॉलिटिशयन। वह जानता है कि किस आदमी का इस्तेमाल कहां करना चाहिए। उसने मोदी के बजाय जिस आदमी को चुना, उसका नाम है राहुल गांधी। भारत में अपनी-अपनी श्रद्धा के अनुसार उसे अलग-अलग नामों से पुकारते हैं। ट्रम्प ने ऐसा इसलिए किया क्योंकि मोदी जहां ट्रम्प के लिए 99 फीसदी जीत की गारंटी है, बल्कि राहुल गांधी 101 परसेंट।

बेताल जो अमूमन कहानी सुनाने के बाद बोलता नहीं था, वह राहुल का नाम सुनकर ही बीच में बोल पड़ा- पर राहुल! वह खुद अपनी सीट जीत नहीं सकता, वह भला ट्रम्प को क्या जितवाएगा? इसका समाधान करो फटफटिए वाले राजन!

विक्रम ने बोलना जारी रखा - ट्रम्प राहुल के टैलेंट का इस्तेमाल अपने विरोधी बाइडेन के पक्ष में रैलियां आयोजित करने में करेगा। ट्रम्प जानता है कि राहुल बाबा बाइडेन के पक्ष में जितनी अधिक रैलियां करेंगे, उतना ही बाइडेन की स्थिति कमजोर होती जाएगी। इतना ही नहीं, ट्रम्प यह भी करेंगे कि राहुल गांधी उससे रोज ट्विटर पर सवाल भी पूछें और उनमें उसे खूब आड़े हाथ भी लें। इससे भी धीरे-धीरे ट्रम्प की स्थिति बेहतर होती जाएगी और बाइडेन की स्थिति कमजोर। और एक समय ऐसा भी आ सकता है कि ट्रम्प क्लीन स्विप ही कर जाए और बाइडेन का सूपड़ा साफ हो जाए।'

वाह, विक्रम की आत्मा, तूने जवाब तो सही दिया, पर मैंने पहले ही कहा था कि तू एक शब्द भी बोलेगा तो मैं उड़ जाऊंगा... तू बोला और मैं चला।

और बेताल 24 अकबर रोड स्थित उस खंडकर इमारत के एक कंगूरे पर जाकर उलटा लटक गया...

(Courtesy :  hindisatire.com )

रविवार, 16 अगस्त 2020

Joke : आखिर सच्चे योद्धा को मिला सम्मान

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विगत दिनों काफी कोरोना योद्धा सम्मान देखने को मिले..। कुछ वाकई दिए गए, कुछ बांटे भी गए... अंतत: दिल को थोड़ा सुकुन मिला, जब एक सच्चे योद्धा को हासिल हुआ ऐसा ही सम्मान 

#corona #jokes #humor

Humour : बाइडेन से पीछे चल रहे ट्रम्प ने अब राहुल गांधी से मांगी मदद, क्यों और कैसे? पढ़िए यहां

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By Jayjeet

वॉशिंगटन। अमेरिकी राष्ट्रपति चुनावों में अब पांच माह से भी कम का वक्त बचा है। हाल ही में हुए कई सर्वे में प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रम्प अपने प्रतिद्वंद्वी जो बाइडेन से पीछे चल रहे हैं। ऐसे में ट्रम्प ने अब राहुल गांधी से मदद लेने की योजना बनाई है। इस बीच, ट्रम्प की इस योजना की भनक लगते ही बाइडेन के खेमे में अफरातफरी का माहौल है।

क्या है ट्रम्प का ट्रम्प कार्ड? 
ट्रम्प की कोर टीम द्वारा बनाए गए प्लान के अनुसार राहुल गांधी अगले तीन माह तक अमेरिका में रहकर बाइडेन के पक्ष में जोरदार चुनावी रैलियां करेंगे। इसके अलावा वे ट्विटर पर एक्टिव रहकर रोजाना ट्रम्प से एक सवाल भी पूछेंगे। ट्रम्प के योजनाकारों के अनुसार इससे एक माह के भीतर ही ट्रम्प के खिलाफ बना माहौल पक्ष में हो जाएगा और चुनाव आते-आते वे क्लीन स्वीप करने की स्थिति में आ जाएंगे।

विरोधी खेमे में अफरातफरी, सदमे में बाइडेन
ट्रम्प की इस योजना की भनक लगते ही बाइडेन के खेमे में सन्नाटा खींच गया है। वहां से आ रही खबरों के अनुसार अगर ट्रम्प अपनी इस योजना में सफल हो गए तो बाइडेन के लिए चुनाव जीतना तो दूर, अपनी जमानत तक बचाना मुश्किल हो जाएगा। अपुष्ट सूत्रों के अनुसार इससे बाइडेन गहरे सदमे में पहुंच गए हैं।

राहुल ने पूछा, कौन हैं बाइडेन?
इस बीच बाइडेन के लिए एक राहत की खबर भी है। राहुल गांधी के करीबी सूत्रों के अनुसार ट्रम्प के इस प्रस्ताव के जवाब में राहुल ने पूछ लिया कि ये बाइडेन कौन हैं? राहुल के करीबी निजी सचिव कहा, 'राहुल भैया तब तक किसी के पक्ष-विपक्ष में नहीं बोलते, जब तक कि वे खुद उनके बारे में गूगल से पुख्ता जानकारी नहीं ले लेते।' ऐसे में बाइडेन खेमे को उम्मीद है कि पुख्ता जानकारी लेते-लेते अमेरिकी चुनाव ऐसे ही गुजर जाएंगे।

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यह भी पढ़ें :  देवउठनी एकादशी के बाद खत्म हो जाएगी कोरोना की सारी अकड़, एक अदद कोरोनी की तलाश



शुक्रवार, 14 अगस्त 2020

Jokes : शहरी बाढ़ जोड़ योजना के बारे में क्या ख्याल है?




पहले मुंबई की सड़कों पर बाढ़ आई, अब जयपुर की सड़कों पर... तो अब शहरी बाढ़ जोड़ योजना भी आ ही जानी चाहिए... 🧐🧐



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गुरुवार, 13 अगस्त 2020

Jokes : सचिन का प्लेन...


sachin-pilot-jokes


जयपुर के पास आज यह छकड़ा गाड़ी बरामद हुई है। आशंका जताई जा रही है कि सचिन पायलट इसे विमान समझकर उड़ाने का प्रयास कर रहे थे ... 

🧐🧐🤓

शनिवार, 8 अगस्त 2020

कोरोना वैक्सीन की ब्लैक मार्केट वाली कीमत भी तय करेगी सरकार, गरीबों के हितों का रखा जाएगा ध्यान

corona vaccine कोरोना वैक्सीन कीमत


By Jayjeet

हिंदी सटायर डेस्क, नई दिल्ली। देश में कोरोना वैक्सीन के जल्दी ही लॉन्च होने की संभावना को देखते हुए सरकार ने वैक्सीन को लेकर कालाबाजारियों की मनमानियों पर अंकुश लगाने की तैयारी भी शुरू कर दी है। सरकार देश के प्रमुख कालाबाजारियों से चर्चा कर वैक्सीन की अलग-अलग श्रेणियों की कीमत फिक्स करेगी। देश के किसी भी कालाबाजार में उससे अधिक कीमत में वैक्सीन बेचे जाने को दंडनीय अपराध माना जाएगा।

हाल ही में कोरोनावायरस की दवा रेमडेसिवीर के कालाबाजार में 900 फीसदी तक ज्यादा दामों पर बेचे जाने की खबरों को देखते हुए सरकार वैक्सीन के मामले में कालाबाजारियों को खुली छूट देने के मूड में नहीं है। स्वास्थ्य मंत्रालय के सूत्रों के अनुसार इस बार समय रहते ही सरकार कालाबाजार में बिकने वाली वैक्सीन के दाम तय कर देगी, ताकि बाद में कालाबाजारिये मनमानी करके मुनाफाखोरी न कर सकें। जरूरत पड़ने पर संबंधित एक्ट में जरूरी संशोधन भी किए जाएंगे। वैक्सीन को निर्धारित ब्लैक मार्केट प्राइस से अधिक दाम में बेचे जाने को दंडनीय अपराध बनाने पर भी विचार किया जा रहा है।

अलग-अलग श्रेणियां निर्धारित की जाएंगी...
सीरम इंस्टीट्यूट ने अपने कोरोना वैक्सीन के एक डोज की कीमत 225 रुपए तय की है। सरकार इसी कीमत को आधार बनाकर कालाबाजार में बिकने वाली वैक्सीन की कीमत तय करेगी। तुरंत वैक्सीन चाहने वालों को यह 2000 रुपए में उपलब्ध होगी। एक साल बाद की कीमत 1000 रुपए और दो साल बाद की कीमत 500 रुपए तय की जाएगी। कीमत तय करते समय गरीब तबकों के हितों का भी पूरा ध्यान रखा जाएगा। गरीबों को तीन साल बाद केवल 25 रुपए के प्रीमियम पर यानी 250 रुपए में वैक्सीन उपलब्ध करवाना सभी कालाबाजारियों का सामाजिक दायित्व होगा।

(Disclaimer : यह सिस्टम पर व्यंग्य है, फेक न्यूज नहीं... )

#satire #Jayjeet #corona_vaccine

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गुरुवार, 6 अगस्त 2020

Satire : अब बनेगी ‘शहरी बाढ़ जोड़ योजना’, पहले चरण में जुड़ेगा गुड़गांव-मुंबई की सड़कों का पानी

heavy rains flood mumbai मुंबई में बाढ़

नई दिल्ली। देश के विभिन्न शहरों में भारी बारिश के बाद पैदा हुए बाढ़ के हालात के मद्देनजर केंद्र सरकार 'शहरी बाढ़ जोड़ योजना' बनाने जा रही है। इसके तहत इन शहरों में भरे बारिश के पानी का सदुपयोग देश के विकास में किया जाएगा। इसके संकेत केंद्रीय आवास एवं शहरी विकास मंत्री हरदीप सिंह ने दिए हैं।

यहां शनिवार को पत्रकारों से बातचीत करते हुए उन्हाेंने कहा , “इन दिनों जगह-जगह बाढ़ आई हुई है। उत्तर प्रदेश से लेकर बिहार के कई शहरों में बाढ़ आई हुई है। मुंबई तो बाढ़ के लिए फेमस है ही। इस दिशा में मप्र सरकार ने भी अच्छा काम किया है और अब भोपाल व इंदौर जैसे शहरों में भी बाढ़ आने लगी है।”

उन्होंने आगे कहा, “वाजपेयी सरकार ने कुछ साल पहले नदी जोड़ योजना बनाई थी। इसी तर्ज पर अब हम स्मार्ट सिटी योजना के तहत शहरी बाढ़ जोड़ योजना लाने की प्लानिंग कर रहे हैं ताकि इन शहरों में भरे बारिश के पानी का सदुपयोग किया जा सके। पहले चरण में गुड़गांव और मुंबई शहरों की बाढ़ को जोड़ा जाएगा। अगले चरणों में बेंगलुरु, तिरुवनंतपुरुम, भोपाल, इंदौर और अन्य शहरों को शामिल किया जाएगा।”

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