रविवार, 1 मार्च 2020

First Interview : जब कोरोना वायरस ने पॉलिटिकल सवाल पूछने से मना कर दिया…

 

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By Jayjeet

कोरोना वायरस के भारत पहुंचते ही यह रिपोर्टर भी चौकस हो गया। उससे बचने के लिए नहीं, बल्कि उससे दो-दो हाथ करने के लिए। सीधे पहुंच गया सीधी बात करने।

रिपोर्टर : कोरोना जी, नमस्कार। क्या आप मेरी बात समझ पा रहे हैं?

कोरोना : आप तो किसी भी भाषा में बात कर लीजिए, हिंदी से लेकर भोजपुरी तक। सब समझ जाएंगे हम तो।

रिपोर्टर : कैसे भला?

कोरोना : हम चाइनीज वायरस हैं, एआई से लेस हैं।

रिपोर्टर : एआई मतलब?

कोरोना : अबे रिपोर्टर की औलाद, एआई ना जानता! मतलब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस।

रिपोर्टर : जनाब, आप अबे से परहेज करेंगे और थोड़ी-बहुत इज़्ज़त से पेश आएंगे क्या!

कोरोना : माफ करना, हम चाइनीज हैं। थोड़ी अकड़ तो रहेगी ना, डीएनए में ही है ये हमारे…अच्छा पूछिए क्या पूछना है। पर जरा जल्दी कीजिए, पूरे भारत का टूर करना है हमें।

रिपोर्टर : सबसे पहला सवाल तो यही है जनाब कि आप चमगादड़ से आए हो या पैंगोलिन से, जैसा कि आपकी सरकार ने दावा किया है।

(कोरोना ने चुप्पी साध ली..)

रिपोर्टर : क्या हुआ जनाब, कुछ तो बोलिए। चमगादड़ सूंघ गया क्या?

कोरोना (धीरे से) : भाई,पॉलिटिकल क्योश्चन नहीं। हमारी सरकार की हर जगह नजर रहती है। हम दो यहां पर हैं, पर हमारे चार भाई-बहन उनके कब्जे में हैं।

रिपोर्टर : ये क्या बात हुई भला, आपकी सरकार ना हुई, अजित हो गई…वही बॉलीवुडी अजित..जानते हो ना उसे?

कोरोना : सब जानता हूं, पर नो नॉलिटिकल क्योश्चन प्लीज…

रिपोर्टर : पॉलिटिकल सवाल ना पूछूं तो फिर क्या पूछूं? पत्रकार हूं आखिर…

कोरोना : वही एंटरटेन टाइप के क्योश्चन, जो तुम लोग अपने यहां की सरकारों से पूछते हों।

रिपोर्टर : बहुत टांट मार लिए। ये मत भूलिए,आप हमारी धरती पर हैं। अतिथि देवो भव: की भावना के कारण हम आपकी इज्जत कर रहे हैं, नहीं तो आप चाइनीज चीजों की वैसे हमारे यहां कोई इज्जत नहीं है।

कोरोना : क्या मतलब?

रिपोर्टर : मतलब, आपके बारे में सब कह रहे हैं कि चाइनीज है, कितना टिकेगा? महीना, दो महीना, तीन महीना..

कोरोना : पूरी दुनिया हमसे डर रही है और आप लोग हमें हलके में ले रहे हो?

रिपोर्टर : पर मेरा सवाल उलटा है। क्या आपको भारत आते डर नहीं लगा?

कोराना (धीरे से) : सच बताऊं, अंदर से तो डर ही रहा हूं, पता नहीं किस मोड़ पर बड़ा वायरस टकरा जाए। वो देखो, तुम्हारे पीछे ही बैनर पर एक बड़े वायरस के दर्शन हो गए..।

रिपोर्टर : अच्छा वो… वो तो हमारे माननीय हैं… सबके हृदय सम्राट। चुनाव में खड़े हुए हैं। 

कोरोना : इसीलिए… इसीलिए मैंने हमारी सरकार से कहा भी था कि हमको इंडिया ना भेजो जी…वहां तो हमसे भी बड़े-बड़े वायरस हैं… पर कोई हमारी सुने तो …अच्छा भगता हूं…!

(यह इंटरव्यू मूल रूप से hindisatire.com पर प्रकाशित हुआ है।)

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